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Wednesday, March 11, 2020

Advocate Sanjay Kushwaha

Advocate Sanjay Kushwaha-MP High Court Jabalpur, Madhya Pradesh

संजय कुमार कुशवाहा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर के जाने माने वकील हैं। 

कोर्ट बैठक :- स्वर्ण जयंती भवन ,सीट नंबर 176 ,हाई कोर्ट जबलपुर ,मध्य प्रदेश।

Contact Details- 09165885079


स्थायी पता - 67 क , टिकुरा टोला भरहटा , पोस्ट बिहटा तहसील उंचेहरा जिला सतना मध्य प्रदेश।



जीवन परिचय-  संजय कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के सतना जिले के उंचेहरा  तहसील के गोबराव  कला नामक गांव में निम्न वर्गीय कुशवाहा परिवार में  हुआ था। इनके पिता का नाम श्री रामलाल कुशवाहा तथा माता का नाम श्रीमती कौशल बाई कुशवाहा है. इनके तीन और भाई हैं जिनका नाम राकेश ,पुष्पराज एवं पंकज है.  सन 2001 के आस पास  इनके पिता जी पास के ही गांव टिकुरा टोला जो की भरहटा ग्राम पंचायत में आता है वही शिफ्ट हो गए. वह शिफ्ट होते ही उन्होंने पूरे परिवार का नाम गोबराव कला से कटवाकर  भरहटा पंचायत में जुड़वा लिया।



शिक्षा -
इन्होने अपनी प्राथमिक शिक्षा शासकीय विद्यालय गोबराव कला एवं बिहटा से संपन्न की।  कॉलेज जी पढाई (B.A. ) इन्होने स्वामी विवेकानंद कॉलेज मैहर से पूर्ण किया।  इसके बाद मैहर से ही PGDCA  का भी कोर्स पूरा कर लिया। वकालत की पढाई करने क लिए उन्हें नीरज भैया के साथ सतना में शिफ्ट होना पड़ा।
इन्होने सत्र 2011 -2012  में अपने वकालत की पढाई (L.L.B) पूरी कर ली.
इसके बाद वो जबलपुर हाई कोर्ट में ट्रैंनिंग के लिए शिफ्ट हो गए.

संघर्ष  

अधिवक्ता संजय कुमार कुशवाहा का जीवन संघर्षो से भरा हुआ रहा है. सबसे दुःख का समय तब आया जब उनकी माँ श्रीमती कौशल बाई कुशवाहा जी का देहांत हो गया।  वो पूरी तरह से टूट चुके थे।  इस संघर्ष की घडी में उनके पिता जी ,दादी माँ , बड़े भाई एवं परिवार एवं रिश्तेदारों ने तन मन धन से बहुत ही सहयोग किया।  
संघर्ष के समय में  नीरज भैया का बहुत ज्यादा योगदान रहा। 
एक समय ऐसा भी आया था जब उन्हें खुद की  एवं छोटे भाई पुष्पराज कुशवाहा की पढाई के  लिए कई महीनो तक प्रिज्म सीमेंट में १२-१४  घंटो तक कठिन काम करना पड़ा था। 
जबलपुर में वकालत की ट्रैनिग के दौरान उन्हें अपने चाचा श्री रामनिवास कुशवाहा के AMS ट्रांसपोर्ट में भी काम करना पड़ा।  दिन में कोर्ट में ट्रैंनिंग एवं शाम से देर रात तक ट्रांसपोर्ट  काम करते थे।  

उपलब्धि

आखिरकार कठिन परिश्रम के पश्चात उन्हे सन २०१३-१४ में वकालत करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर मिल  ही गया।  उनको खुद के लिए बैंच की व्यवस्था की अथॉरिटी मिल गयी 



अधिवक्ता संजय कुशवाहा ने बहुत ही जल्दी अपने फील्ड में सफलता प्राप्त की, कई केसेस को आसानी से निपटा दिए

विवाह-  अधिवक्ता संजय कुशवाहा ने  14 मार्च 2019 को ज्योति कुशवाहा के साथ हुआ









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